नेरे गांव के युवाओं की पंढरपुर साइकिल यात्रा बनी अनोखा ‘मुळशी पैटर्न’; 13 घंटे में 260 किलोमीटर का नॉन-स्टॉप सफर
मुळशी, 21 जुलाई: मुळशी तालुका के नेरे गांव के युवाओं ने इस वर्ष भी पंढरपुर साइकिल यात्रा की परंपरा को कायम रखते हुए मात्र 13 घंटे में 260 किलोमीटर का नॉन-स्टॉप सफर पूरा किया। भगवान विठ्ठल के दर्शन की श्रद्धा और मजबूत शारीरिक एवं मानसिक संकल्प के बल पर संपन्न हुई यह यात्रा लगातार छठे वर्ष आयोजित की गई।
शुक्रवार, 17 जुलाई को तड़के ढाई बजे नेरे ग्रामदेवता भैरवनाथ के दर्शन कर साइकिल यात्रा का शुभारंभ हुआ। लगातार छठे वर्ष इस यात्रा में शामिल होने वाले रामदास पायगुडे के साथ निलेश जाधव, महेश जाधव, नंदकुमार जाधव, पंडित पायगुडे, आकाश आडकर, बंटी गायकवाड़ और संतोष माने ने नेरे से प्रस्थान किया।
इसके बाद सांगवी फाटा पर यात्रा के संयोजक एवं अनुभवी साइकिलिस्ट रणजीत जाधव तथा नए प्रतिभागी अतुल दुबल भी इस यात्रा में शामिल हुए। आगे हडपसर में पूरे भारत में साइकिल यात्रा कर चुके पवनकुमार कुंभार के साथ शिवराज भोसले, विवेकानंद भामरे, आनंद चिमन, अजित निकम, श्रीकांत बसुर्तेकर, चंद्रशेखर भोरे, योगेश शिंदे, महिला साइकिलिस्ट निधि खैनार तथा विशेष रूप से दुबई से इस यात्रा में भाग लेने पहुंचे आईटी इंजीनियर प्रभाकर पाटील भी शामिल हुए। इनमें से दो साइकिलिस्ट बेंगलुरु से दो दिन की छुट्टी लेकर विशेष रूप से इस यात्रा में शामिल होने आए थे।
सुबह से पड़ रही तेज धूप के बावजूद यात्रा निरंतर जारी रही। कुरकुंभ स्थित होटल चतुर्थी में अल्पाहार के बाद यात्रा फिर शुरू हुई। दोपहर में इंदापुर के होटल देशपांडे में भोजन और थोड़े विश्राम के बाद सभी साइकिलिस्ट पुनः पंढरपुर की ओर रवाना हुए।
तेज धूप, सड़क की गर्मी और शारीरिक थकान जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद वारकरियों के तप और समर्पण को प्रेरणा मानते हुए सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह से पैडल चलाना जारी रखा। सोलापुर जिले में प्रवेश करते ही मौसम ने करवट ली और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद “ऊपर से बरसती बारिश और मुख पर ‘राम कृष्ण हरी'” का जयघोष करते हुए लगभग 60 किलोमीटर का सफर बारिश में ही पूरा किया गया।
रास्ते में पालखियों और दिंडियों के साथ चल रहे वारकरियों के दर्शन से सभी साइकिलिस्टों का उत्साह और बढ़ गया। यात्रा के दौरान अनेक लोगों ने उनका हालचाल पूछा और “जय हरी माऊली” कहकर शुभकामनाएं दीं।
शाम करीब 7 बजे सभी साइकिलिस्ट पंढरपुर पहुंचे। चंद्रभागा नदी में स्नान करने के बाद उन्होंने भगवान श्री विठ्ठल एवं माता रुक्मिणी के दर्शन किए। दर्शन के समय देश की सुरक्षा, किसानों की समृद्धि, महिलाओं पर अत्याचार समाप्त होने, युवाओं को रोजगार मिलने तथा अगले वर्ष भी इसी प्रकार की साइकिल यात्रा करने की शक्ति प्राप्त हो, ऐसी प्रार्थना की गई।
रात्रि में मंदिर के समीप स्थित विठुमाऊली धर्मशाला में विश्राम करने के बाद अगले दिन दोपहर को वापसी यात्रा शुरू की गई। विशेष बात यह रही कि रणजीत जाधव, पवनकुमार कुंभार, योगेश शिंदे और शिवराज भोसले ने वापसी का पूरा सफर भी साइकिल से ही तय किया।
इस साइकिल यात्रा के लिए लगभग एक महीने तक शारीरिक और मानसिक तैयारी की गई थी। सभी प्रतिभागियों ने कहा कि भगवान पांडुरंग की कृपा और साथियों के अथक सहयोग से यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस पूरे अभियान में सपोर्ट टीम के रूप में युवा नेता सचिन शिंदे और दत्ताभाऊ शिंदे ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
“आर्थिक प्रगति के साथ-साथ स्वास्थ्य रूपी अमूल्य संपत्ति भी अर्जित करें। नियमित व्यायाम, साइकिलिंग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर जीवन का भरपूर आनंद लें।”
— रामदास बबन पायगुडे (पांडुरंग सेवक)


