अब जमीन ‘एनए’ कराने की झंझट खत्म!

पीएमआरडीए क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत; वार्षिक एनए टैक्स बंद, एकमुश्त रूपांतरण प्रीमियम से मिलेगी स्थायी मुक्ति

पिंपरी, दि. 6 : घर बनाने के लिए जमीन को ‘एनए’ (गैर-कृषि) कराने, जिलाधिकारी की मंजूरी लेने और गैर-कृषि प्रमाणपत्र के लिए इंतजार करने की प्रक्रिया अब खत्म हो गई है। महाराष्ट्र जमीन महसूल संहिता, 1966 में किए गए संशोधन के बाद पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) अथवा किसी नियोजन प्राधिकरण से लेआउट या निर्माण अनुमति मिलने के बाद अलग से गैर-कृषि अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस फैसले से पीएमआरडीए क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

राज्य के राजस्व एवं वन विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार, अब हर वर्ष चुकाना पड़ने वाला गैर-कृषि कर (एनए टैक्स) बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर एकमुश्त ‘रूपांतरण प्रीमियम’ लिया जाएगा। 1,000 वर्गमीटर तक के भूखंड के लिए वार्षिक मूल्य दर तालिका के अनुसार 0.10 प्रतिशत, 1,001 से 4,000 वर्गमीटर तक 0.25 प्रतिशत तथा 4,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंड के लिए 0.50 प्रतिशत की दर से एकमुश्त प्रीमियम लिया जाएगा।

बैंक कर्ज की अड़चन भी होगी दूर

नए नियमों से गृह निर्माण के लिए बैंक ऋण लेने वाले नागरिकों को भी राहत मिलेगी। लेआउट अथवा निर्माण अनुमति मिलने के बाद कर्ज या अन्य वित्तीय सहायता के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अलग से ‘एनए’ प्रमाणपत्र पर जोर नहीं देना होगा। इससे कर्ज प्रक्रिया में होने वाली देरी और अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया कम होने की उम्मीद है।

पुराने प्लॉटधारकों को भी मौका

जिन भूखंडों को पहले ही लेआउट अथवा निर्माण अनुमति मिल चुकी है, ऐसे पुराने प्लॉटधारकों को भी राहत दी गई है। भविष्य में लगने वाले वार्षिक कर से स्थायी रूप से मुक्त होने के लिए संबंधित वर्ष की वार्षिक मूल्य दर तालिका के अनुसार एकमुश्त रूपांतरण प्रीमियम एक वर्ष के भीतर भरने की सुविधा दी गई है।

हालांकि, ‘भोगवटादार वर्ग-2’ की जमीन, जैसे इनाम अथवा कुळ कानून के तहत आने वाली जमीन के मामले में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति और आवश्यक नजराना भरना अनिवार्य रहेगा।

फ्रिंज एरिया में निर्माण को भी राहत

पीएमआरडीए क्षेत्र में एकीकृत विकास नियंत्रण एवं प्रोत्साहन नियमावली के अनुसार महानगरपालिका सीमा से 2 किलोमीटर, नगर परिषद सीमा से 1 किलोमीटर और नगर पंचायत सीमा से 0.5 किलोमीटर तक के क्षेत्र में आने वाली कृषि जमीन पर निर्धारित प्रीमियम लेकर आवासीय उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी। इसके लिए वार्षिक मूल्य दर तालिका में निर्धारित दर के 15 प्रतिशत के अनुसार प्रीमियम आकारा जाएगा।

“महाराष्ट्र जमीन महसूल संहिता में हुए संशोधन के कारण लेआउट अथवा निर्माण अनुमति के बाद अलग से गैर-कृषि अनुमति की आवश्यकता नहीं रही है। पीएमआरडीए क्षेत्र में आवासीय विकास के लिए आवश्यक सड़क और अन्य मानदंड पूरे करने वाले प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

– दीपक वराडे, संचालक (प्र), विकास अनुमति विभाग, पीएमआरडीए

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