सड़क किनारे कबाड़ के ढेर, कचरा जलाने से परेशानी; प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पिंपरी-चिंचवड, दि. ८ : मुंबई-पुणे महामार्ग से सटे कामशेत शहर के कुछ इलाकों में कबाड़ का कारोबार बढ़ने से स्वच्छता के साथ ही यातायात सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। सड़क किनारे कबाड़, बेकार सामान और कचरे के ढेर लगाए जाने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ जगहों पर कबाड़ और कचरा जलाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे निकलने वाला धुआं महामार्ग तक पहुंचने पर वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होने से हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
कामशेत के रहवासी इलाकों में कुछ स्थानों पर बड़ी मात्रा में कबाड़ जमा किया गया है। दुकानों के बाहर और सड़क किनारे कबाड़ के ढेर होने से सार्वजनिक जगह का उपयोग प्रभावित हो रहा है। साथ ही वाहनों और पैदल यात्रियों को रास्ता निकालने में परेशानी हो रही है।
कचरा जलाने से महामार्ग पर धुआं
कबाड़ के पास जमा कचरा जलाए जाने की शिकायत स्थानीय नागरिकों ने की है। कचरा जलाने से उठने वाला धुआं महामार्ग की ओर जाने पर वाहन चालकों को सामने का रास्ता साफ दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। मुंबई-पुणे महामार्ग पर वाहनों की अधिक आवाजाही और तेज रफ्तार को देखते हुए धुएं के कारण दृश्यता कम होना दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसलिए किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही आवश्यक कदम उठाने की मांग नागरिक कर रहे हैं।
कबाड़ के ढेर से मच्छरों का प्रकोप
कबाड़ में प्लास्टिक की वस्तुएं, पुराने डिब्बे और अन्य सामान जमा होने से बारिश का पानी रुकने की संभावना रहती है। इससे मच्छरों की उत्पत्ति बढ़ सकती है। दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास के नागरिकों को भी परेशानी हो रही है।
नागरिकों का कहना है कि कबाड़ का व्यवसाय करने का विरोध नहीं है, लेकिन व्यवसाय के कारण सड़क, स्वच्छता और लोगों की सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कबाड़ सड़क पर न आए, इसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यवसायियों को लेने की जरूरत है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
महामार्ग के आसपास की स्थिति का संबंधित प्रशासन द्वारा तत्काल निरीक्षण किया जाए, सड़क पर रखा कबाड़ हटाया जाए, कचरा जलाने पर रोक लगाई जाए और परिसर की सफाई कराई जाए, ऐसी मांग नागरिकों ने की है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग की जा रही है।
महामार्ग किनारे फैला कबाड़ अब केवल गंदगी का मुद्दा नहीं, बल्कि यातायात सुरक्षा से जुड़ी समस्या बनता जा रहा है। किसी दुर्घटना से पहले प्रशासन इस मामले में ठोस कदम उठाएगा या नहीं, इस ओर कामशेतवासियों का ध्यान है।


