चाकण के बाद अब थेऊर में भी ‘PMRDA’ बनाएगा ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना; 14 गांवों की कचरे की समस्या होगी दूर!

चाकण के बाद अब थेऊर में भी ‘PMRDA’ बनाएगा ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना; 14 गांवों की कचरे की समस्या होगी दूर!

  • थेऊर में 10 एकड़ गोचर भूमि पर 150 टीपीडी क्षमता का ठोस कचरा प्रसंस्करण प्रकल्प
  • वर्ष 2043 तक संभावित जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर परियोजना की योजना
  • विधायक ज्ञानेश्वर कटके और महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी की उपवंस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक

पुणे : चाकण औद्योगिक क्षेत्र में लंबित ठोस कचरा परियोजना को लेकर निर्णय के बाद अब पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) ने हवेली तालुका के पूर्वी हिस्से में कचरे की समस्या दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। थेऊर और आसपास के 13 गांवों यानी कुल 14 ग्राम पंचायतों के लिए एक केंद्रीय ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए थेऊर स्थित PMRDA की 10 एकड़ गोचर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। वर्ष 2043 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 150 टीपीडी (टन प्रतिदिन) क्षमता की यह परियोजना स्थापित की जाएगी।

इस परियोजना की योजना को लेकर PMRDA के आकुर्डी स्थित मुख्यालय के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागार में 6 अक्टूबर को शिरूर-हवेली के विधायक ज्ञानेश्वर कटके की उपस्थिति में तथा महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी की अध्यक्षता में विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना) रिनाज पठाण, कार्यकारी अभियंता अनिता कुलकर्णी, उप अभियंता रितेश मुंढे, उप अभियंता अरविंद सिद्राल, जिला परिषद के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी भूषण जोशी, हवेली के खंड विकास अधिकारी शेखर शेलार सहित संबंधित 14 गांवों के सरपंच, प्रशासक और विस्तार अधिकारी उपस्थित थे।

महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने स्पष्ट किया कि थेऊर (तालुका हवेली) में उपलब्ध गोचर भूमि में से 10 एकड़ जमीन ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। वर्ष 2043 में संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 150 टीपीडी क्षमता की इस परियोजना को संचालित करने की योजना बनाई गई है।

इस योजना के अनुसार, परियोजना स्थल से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सहभागी ग्राम पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्र का कचरा एकत्रित कर परियोजना स्थल तक पहुंचाना होगा। कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण करने के लिए निर्धारित ‘टिपिंग फीस’ संबंधित ग्राम पंचायतों को अदा करनी होगी। इस परियोजना में शामिल होने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।

इस परियोजना से पूर्व हवेली की 14 ग्राम पंचायतों की कचरा प्रबंधन समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। इनमें थेऊर, लोणी कालभोर, कदमवाकवस्ती, केसनंद, वाडेबोल्हाई, उरुली कांचन, साष्टे, कोरेगांव मूल, सोरतापवाड़ी, आलंदी म्हातोबाची, नायगांव प्रयागधाम, शिंदवणे, पेठ और कोलवड़ी गांव शामिल हैं।

विधायक ज्ञानेश्वर कटके ने PMRDA द्वारा इस परियोजना को अपने हाथ में लेने के लिए प्रशासन की सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उन्हें कचरा परिवहन के लिए जिला परिषद और जिला नियोजन समिति के निधि से कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराने हेतु विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों से भी इस परियोजना में शामिल होने की अपील की।

चाकण के बाद अब पूर्व हवेली को भी राहत

चाकण एमआईडीसी क्षेत्र की 19 ग्राम पंचायतों और दो नगर परिषदों के लिए PMRDA की ओर से केंद्रीय ठोस कचरा प्रसंस्करण परियोजना स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब थेऊर क्षेत्र के लिए दूसरी बड़ी परियोजना की घोषणा की गई है। इससे PMRDA के दोनों औद्योगिक और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अगले 30 वर्षों के कचरा प्रबंधन की योजना को अधिक स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है।

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