नवरात्रि के स्वागत की तैयारियां तेज; युवाओं के साथ महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी ले रहे डांडिया प्रशिक्षण, पारंपरिक नृत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
पिंपरी, दि. ५ : नवरात्रि का त्योहार अब कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। ऐसे में शहर में गरबा और डांडिया की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में होने वाले डांडिया और गरबा नृत्य के लिए युवाओं के साथ महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी उत्साह के साथ तैयारी कर रहे हैं। शहर के विभिन्न डांडिया समूहों की ओर से नए सदस्यों को शामिल कर उन्हें नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा से जुड़ा उत्सव भी है। गरबा और डांडिया रास इस उत्सव की खास पहचान हैं। पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे कपड़े, संगीत की ताल और हाथों में डांडिया लेकर किया जाने वाला नृत्य नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रहता है।
डांडिया सीखने के लिए पहले से किसी तरह का अनुभव होना जरूरी नहीं है। प्रशिक्षण के दौरान डांडिया की शुरुआती स्टेप्स, ताल के साथ नृत्य करना, डांडिया घुमाने की सही पद्धति और समूह के साथ तालमेल बनाए रखने का अभ्यास कराया जाता है। इससे पहली बार डांडिया सीखने वालों को भी आसानी से नृत्य सीखने का अवसर मिल रहा है।
डांडिया प्रशिक्षण से केवल नृत्य कौशल ही विकसित नहीं होता, बल्कि आत्मविश्वास, शारीरिक सक्रियता, लय और समूह में काम करने की भावना भी बढ़ती है। कुछ डांडिया समूहों की ओर से प्रशिक्षण के साथ ही विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने का अवसर भी दिया जा रहा है। इससे नए कलाकारों को अपनी कला दिखाने के लिए मंच मिल रहा है।
नवरात्रि के स्वागत के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। डांडिया प्रशिक्षण के माध्यम से पारंपरिक नृत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान नागरिकों को उत्साह और मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति व परंपरा से जुड़ने का अवसर मिलने वाला है।


