थाली से लेकर वड़ापाव तक हर चीज के दाम बढ़े; कामगारों और विद्यार्थियों की जेब पर बढ़ रहा बोझ
पिंपरी-चिंचवड, 4 अक्टूबर : व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में कुछ राहत मिलने के बाद गैस की आपूर्ति अब सुचारू हो गई है। हालांकि, होटल और खानपान से जुड़े खाद्य पदार्थों के दामों में अब तक कमी नहीं आई है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के दौरान बढ़ाई गई खाद्य पदार्थों की कीमतें अभी भी कायम हैं। इसके कारण पिंपरी-चिंचवड शहर में कामगारों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों के रोजाना के खानपान का खर्च बढ़ गया है।
पिंपरी-चिंचवड एक तेजी से विकसित होता औद्योगिक शहर है। शहर में बड़ी संख्या में कामगार और नौकरीपेशा नागरिक रहते हैं। भोसरी, तळवडे, चाकण तथा हिंजवडी के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले अनेक लोग होटल, मेस अथवा बाहर के भोजन पर निर्भर रहते हैं। आकुर्डी, पिंपरी और चिंचवड परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी रहते हैं। इनके लिए होटल और खानावलों पर निर्भर रहना आम बात है। इसलिए खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने का सीधा असर इनके रोजाना के खर्च पर पड़ रहा है।
कुछ दिन पहले जहां 70 से 80 रुपये में मिलने वाली साधारण शाकाहारी थाली अब 90 से 100 रुपये तक पहुंच गई है। कुछ ठिकानों पर भोजन और नाश्ते के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। एक वक्त के भोजन का खर्च बढ़ने के साथ ही वड़ापाव, समोसा, भजी और मिसळ जैसे नाश्ते के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। पहले 15 रुपये में मिलने वाला वड़ापाव अब 20 रुपये तक पहुंच गया है।
ग्राहकों से दर कम करने की अपेक्षा
गैस की आपूर्ति सुचारू हो गई है और इसके कारण गैस सिलेंडर के दामों में राहत मिली है। अब ग्राहकों को उम्मीद है कि होटल और खानावलों में खाद्य पदार्थों के दाम भी कम किए जाएंगे। विशेष रूप से रोज होटल में भोजन करने वाले कामगारों और विद्यार्थियों की जेब पर इसका बड़ा असर पड़ रहा है। रोजाना नाश्ते और भोजन पर अतिरिक्त पैसे खर्च हो रहे हैं। महीने के बजट में खानपान का खर्च बढ़ने से अन्य खर्चों पर भी असर पड़ रहा है। इसलिए गैस के दाम कम होने के बाद खाद्य पदार्थों के दामों में भी कमी की मांग ग्राहकों की ओर से की जा रही है।
गैस के दाम घटे, लेकिन अन्य खर्च बढ़े
व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी आने के बाद होटल व्यवसायियों के सामने खाद्य पदार्थों के दाम कम करने का सवाल खड़ा हुआ है। हालांकि, खाद्य तेल, दाल, सब्जियां और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला होटल व्यवसायियों की ओर से दिया जा रहा है। इसके साथ ही दुकानों का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों की मजदूरी भी बढ़ी है। इसलिए केवल गैस की कीमत कम होने से खाद्य पदार्थों के दाम कम करना व्यावसायिकों के लिए कठिन होने की बात कही जा रही है।
‘गैस’ का प्रश्न सुलझा, लेकिन खर्च बढ़ा
व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति अब सुचारू है। लेकिन खाद्य तेल, दाल, सब्जियां और अन्य कच्चे माल के दाम बढ़े हुए हैं। इसके साथ ही दुकानों का किराया और कर्मचारियों की मजदूरी बढ़ने से होटल व्यवसायियों पर आर्थिक दबाव है। इसलिए खाद्य पदार्थों के दाम तुरंत कम करना मुश्किल होने की प्रतिक्रिया कुछ स्थानीय होटल व्यवसायियों ने दी है।


