सूखे की मार से उत्पादन प्रभावित; पितृपक्ष के चलते देसी ग्वार, सहजन और तुरई की मांग बढ़ी
पिंपरी, 4 अक्टूबर : पुणे जिले में कम बारिश और पानी की कमी का असर अब सब्जियों के बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। उत्पादन में गिरावट के कारण बाजार में सब्जियों की आवक घट रही है, वहीं पितृपक्ष के चलते पारंपरिक सब्जियों की मांग बढ़ गई है। इसके चलते पिंपरी-चिंचवड़ के खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। देसी ग्वार, सहजन, तुरई और कुंदरू की कीमतों ने आम ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है।
पुणे जिले के बारामती, इंदापुर, दौंड, शिरूर, पुरंदर और भोर तालुका के कई क्षेत्र कम वर्षा वाले इलाकों में आते हैं। इस वर्ष बारिश और पानी की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ है। इन क्षेत्रों के साथ ही खेड़, जुन्नर और मंचर परिसर से सब्जियां पिंपरी-चिंचवड़ के बाजारों में बिक्री के लिए आती हैं। हालांकि, उत्पादन में कमी और आवक में अनिश्चितता के कारण बाजार में सब्जियों की उपलब्धता कम हो गई है। वहीं, पितृपक्ष के धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक सब्जियों की मांग बढ़ने से कीमतों में और इजाफा हुआ है।
पिंपरी उपबाजार विभाग की 3 अक्टूबर की बाजारभाव सूची के अनुसार प्याज की आवक 18 क्विंटल दर्ज की गई है। प्याज को न्यूनतम 2,000 रुपये, अधिकतम 4,200 रुपये और औसतन 3,100 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिला। भिंडी की आवक 2 क्विंटल रही, जिसका औसत भाव 4,500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। टमाटर की आवक 19 क्विंटल रही और औसत भाव 2,500 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं, तुरई की आवक 1 क्विंटल रही, जिसका औसत भाव 4,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
देसी ग्वार के दाम 230 रुपये किलो तक पहुंचे!
पितृपक्ष के चलते धार्मिक अनुष्ठानों और नैवेद्य में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक सब्जियों की मांग बढ़ गई है। इसके कारण देसी ग्वार के दाम 200 से 230 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। सहजन और तुरई लगभग 80 रुपये, जबकि कुंदरू 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। मेथी की एक गड्डी 25 से 35 रुपये और हरे धनिये की एक गड्डी 20 से 30 रुपये में मिल रही है।
पिंपरी, चिंचवड़, भोसरी, निगड़ी और प्राधिकरण क्षेत्र के खुदरा बाजारों में प्याज 70 से 85 रुपये, भिंडी 50 से 60 रुपये, टमाटर 30 से 40 रुपये, बैंगन 30 से 40 रुपये और खीरा 25 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। लहसुन के दाम 180 से 200 रुपये, जबकि अदरक 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
इस बीच, पिंपरी उपबाजार में हरे धनिये और चौलाई की 750-750 गड्डियां, जबकि सोआ और पालक की 650-650 गड्डियों की आवक दर्ज की गई है। करडई की 250 और राजगिरा की 350 गड्डियां बाजार में पहुंची हैं।
सूखे की मार खेती पर; महंगाई की चोट ग्राहकों पर
एक ओर बारिश की अनिश्चितता के कारण किसानों के सामने उत्पादन की चुनौती खड़ी हो गई है, वहीं दूसरी ओर बाजार में बढ़ती कीमतों के चलते आम ग्राहकों को सब्जियां खरीदने के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कम आवक और अधिक मांग की दोहरी स्थिति के कारण सब्जियों के दाम ऊंचे बने हुए हैं। पितृपक्ष समाप्त होने के बाद मांग में होने वाले बदलाव और बाजार में सब्जियों की आवक पर ही कीमतों की अगली दिशा निर्भर करेगी।

