सैर बनी मातम का सफर; 11वीं-12वीं के 8 छात्रों की समुद्र में डूबने से मौत, पूरे पुणे जिले में शोक की लहर
पिंपरी-चिंचवड़, 3 अक्टूबर। रायगढ़ जिले के दिवेआगर समुद्र तट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे पुणे जिले को झकझोर कर रख दिया है। आळंदी स्थित विनर्स अकादमी के 11वीं और 12वीं कक्षा के आठ विद्यार्थियों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। सभी मृतक छात्र करीब 16 वर्ष के थे। इस घटना के बाद आळंदी के साथ-साथ पिंपरी-चिंचवड़ और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
विनर्स अकादमी के 25 छात्र, 17 छात्राएं और 6 शिक्षक, कुल 48 लोग शैक्षणिक सहल के लिए दिवेआगर गए थे। समुद्र तट पर कुछ विद्यार्थी नहाने के लिए पानी में उतरे। इसी दौरान समुद्र की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग पाने से आठ विद्यार्थी बह गए। सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिकों, पुलिस, मछुआरों और वॉटर स्पोर्ट्स कर्मियों ने बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद सभी आठ विद्यार्थियों के शव बरामद किए गए।
इन आठ होनहार विद्यार्थियों ने गंवाई जान
हादसे में तन्मय दत्तात्रय वाहिले, सुमित भरत अहिरे, प्रणव रामदास बनसोडे, कैवल्य सतीश वासनकर, राजवीर युवराज वाहिले, यश किरण वानखेडे, सोहम तुकाराम भांडवलकर और कौस्तुभ संदीप दौंड की मृत्यु हुई। इस घटना से विद्यार्थियों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को समन्वय करने के निर्देश दिए।
वहीं, घटना के अगले दिन आळंदी नगर परिषद ने विनर्स अकादमी के परिसर को सील कर दिया। नगर परिषद की जांच में अकादमी के पास आवश्यक व्यवसाय लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं होने की बात सामने आई।
दिवेआगर की इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक सहलों के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, समुद्र किनारे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम उम्र में आठ परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया—इस त्रासदी ने पूरे समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है।


