वाकड क्षेत्र की 34 हाउसिंग सोसायटियों के निवासी परेशान; बढ़ती आबादी से पानी की व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
पिंपरी-चिंचवड़, दिनांक 24 अक्टूबर : पिंपरी-चिंचवड़ शहर में बढ़ती आबादी के कारण पानी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। खासकर वाकड, ताथवडे, भूमकर चौक और आसपास के इलाकों में कई हाउसिंग सोसायटियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कुछ सोसायटियों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण निवासियों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
वाकड क्षेत्र की 34 सोसायटियों में पानी की समस्या
वाकड क्षेत्र में बड़ी संख्या में नई इमारतें और हाउसिंग प्रोजेक्ट बन रहे हैं। ऊंची इमारतों, बड़ी सोसायटियों और बढ़ती आबादी के कारण इस क्षेत्र में पानी की मांग तेजी से बढ़ी है। लेकिन पानी की मांग के मुकाबले आपूर्ति की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, वाकड की लगभग 34 हाउसिंग सोसायटियों के निवासी पानी की कमी से परेशान हैं। इन सोसायटियों को रोजाना जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। इसलिए निवासियों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
टैंकरों के खर्च से निवासियों पर आर्थिक बोझ
सोसायटियों में नियमित पानी नहीं मिलने के कारण टैंकरों से पानी मंगवाना मजबूरी बन गया है। इससे निवासियों को हर महीने अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। पानी के लिए होने वाला यह खर्च सोसायटियों के रखरखाव शुल्क पर भी असर डाल रहा है।
जिन सोसायटियों में लोगों की संख्या अधिक है, वहां पानी की मांग भी ज्यादा होती है। ऐसे में जरूरत पूरी करने के लिए अधिक टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। इससे परिवारों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी हो रही है। पानी की स्थायी व्यवस्था होने के बजाय नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पवना बांध में भरपूर पानी, फिर भी नलों में कमी!
पवना बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद कई सोसायटियों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। इस कारण नागरिकों ने पानी के वितरण की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों की मांग है कि पानी उपलब्ध होने के बाद भी आपूर्ति में परेशानी क्यों हो रही है, इसकी जांच की जाए।
वाकड, पुनावले, ताथवडे, थेरगांव और पिंपले सौदागर के निवासियों ने कम दबाव और कम मात्रा में पानी मिलने की शिकायतें की हैं। इसलिए पानी की आपूर्ति का समय, पाइपलाइनों की क्षमता, पानी का दबाव और वास्तविक वितरण व्यवस्था की जांच करने की मांग की जा रही है।
पानी की आपूर्ति व्यवस्था का ऑडिट करने की मांग
पिंपरी-चिंचवड़ सहकारी हाउसिंग सोसायटी फेडरेशन ने महानगरपालिका प्रशासन से पानी की आपूर्ति व्यवस्था का तत्काल ऑडिट कराने की मांग की है।
शहर को कुल कितना पानी उपलब्ध होता है, उसमें से कितना पानी नागरिकों तक पहुंचता है और संबंधित क्षेत्रों में पानी की कमी के क्या कारण हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, नई इमारतों और हाउसिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी देते समय उपलब्ध पानी, पाइपलाइनों की क्षमता और भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को ध्यान में रखने की जरूरत बताई गई है।
भामा-आसखेड परियोजना से उम्मीदें
महानगरपालिका की पानी आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं में भामा-आसखेड जलापूर्ति परियोजना भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना से अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने पर संबंधित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसलिए निवासी इस परियोजना से जुड़ी प्रगति पर नजर रखे हुए हैं।
नागरिकों की मांग है कि पानी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और नियमित रूप से पर्याप्त दबाव के साथ पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, संबंधित सोसायटियों में पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी फेडरेशन की ओर से दिए जाने की बात सामने आई है।
पानी हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है। इसके बावजूद लोगों को रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है। अब महानगरपालिका प्रशासन से उम्मीद है कि वह तत्काल कदम उठाकर पानी की समस्या दूर करेगा और प्रभावित सोसायटियों को राहत देगा।

