50 प्रतिशत किसानों के विरोध पर योजना रद्द करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा; इनर रिंग रोड की चौड़ाई 65 मीटर ही रहेगी
पिंपरी–चिंचवड़, 22 अक्टूबर : इनर रिंग रोड और नगर नियोजन योजना (टीपी स्कीम) को लेकर किसानों के बीच बनी असमंजस की स्थिति पर पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और कम से कम 50 प्रतिशत किसानों के विरोध की स्थिति में संबंधित टीपी स्कीम को रद्द करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जाएगा। किसानों और जमीन मालिकों पर उनकी इच्छा के खिलाफ कोई योजना नहीं थोपी जाएगी। यह आश्वासन महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने दिया।
पीएमआरडीए के आकुर्डी स्थित मुख्यालय में मावल तालुका के किसानों और ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सालुंब्रे, दारुंब्रे, गोडुंब्रे, परंदवाड़ी, धामणे और सांगवड़े इन छह गांवों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित थे। इस दौरान किसानों ने इनर रिंग रोड और प्रस्तावित टीपी स्कीम को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।
हस्ताक्षर वाले आवेदन जमा करने की अपील
मावल तालुका में प्रस्तावित टीपी स्कीम को रद्द करने की मांग किसान और जमीन मालिक कर रहे हैं। संबंधित गांवों के जमीन मालिकों से योजना रद्द करने की मांग वाले हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पीएमआरडीए के पास जमा करने की अपील की गई है।
ऐसे आवेदन मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित टीपी स्कीम को रद्द करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जा सकता है, ऐसा आयुक्त ने स्पष्ट किया। इससे संकेत मिले हैं कि प्राधिकरण किसानों की मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगा।
इनर रिंग रोड की चौड़ाई 65 मीटर ही रहेगी
महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने स्पष्ट किया कि इनर रिंग रोड की चौड़ाई 65 मीटर ही रहेगी। क्षेत्रीय विकास योजना के अनुसार सड़क की रूपरेखा तैयार की गई है। पहले सड़क की चौड़ाई 110 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 65 मीटर तक सीमित किया गया है। इससे अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण करने की जरूरत कम हुई है।
अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का उचित मूल्यांकन कर किसानों को पूरा मुआवजा नकद दिया जाएगा। इसके अलावा, सहमति देने वाले किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने का प्रावधान भी किया जाएगा।
किसानों को मिलेंगे संशोधित जोन प्रमाणपत्र
पीएमआरडीए का स्ट्रक्चरल प्लान अंतिम होने के बाद जोन प्रमाणपत्र में 110 मीटर चौड़ाई के उल्लेख को हटाकर 65 मीटर चौड़ाई के अनुसार संशोधित प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
इनर रिंग रोड बनने से आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति मिलने की संभावना है। इसलिए स्ट्रक्चरल प्लान में इस क्षेत्र के नियोजन को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले चरण में विस्तृत योजना के आधार पर विकास योग्य क्षेत्रों और नागरिक सुविधाओं की योजना तैयार करने का प्रस्ताव है।
इस बैठक में पीएमआरडीए के साथ ही राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इनर रिंग रोड के विकास के साथ किसानों की आपत्तियों, जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और टीपी स्कीम को रद्द करने की मांग पर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।


