218 शोभायात्राओं और 34 पथ संचलनों से गूंजा शहर; धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिक
पिंपरी-चिंचवड़, 22 अक्टूबर : बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देने वाला विजयादशमी यानी दशहरा पर्व पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मंगलवार (20 अक्टूबर) को बड़े उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। आकर्षक रोशनी, पटाखों की आतिशबाजी और नागरिकों की भारी भीड़ से पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। शहर में कुल 24 जगहों पर रावण दहन किया गया। वहीं, 218 शोभायात्राओं और 34 पथ संचलनों के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में रौनक छाई रही।
प्रमुख स्थानों पर हुआ रावण दहन
दशहरे के अवसर पर पिंपले सौदागर के गोविंद यशदा चौक, पिंपरी गांव के नवमहाराष्ट्र मैदान और चिंचवड़ के मोरया गोसावी मैदान में रावण दहन के प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा भोसरी के पीएमटी चौक, सांगवी के पीडब्ल्यूडी मैदान, आकुर्डी के खंडोबा चौक और चिखली के साने चौक सहित शहर के कई स्थानों पर रावण दहन किया गया।
रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन होते ही लोगों ने खुशी जाहिर की। कई स्थानों पर रावण दहन से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और परिवारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मैदानों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भीड़ के कारण उत्सव का माहौल और भी खास बन गया।
218 शोभायात्राएं और 34 पथ संचलन
विजयादशमी के अवसर पर पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय की सीमा में कुल 218 शोभायात्राएं निकाली गईं। इसके साथ ही विभिन्न संस्थाओं, संगठनों और मंडलों की ओर से 34 पथ संचलनों का आयोजन किया गया। शहर के लगभग 13 प्रमुख स्थानों पर शस्त्र पूजन के कार्यक्रम भी संपन्न हुए।
विभिन्न इलाकों में पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-ताशों की गूंज और अनुशासित पथ संचलनों ने उत्सव की रौनक बढ़ाई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण रही।
एक-दूसरे को आपटे के पत्ते देकर निभाई परंपरा
दशहरे की शाम को नागरिकों ने एक-दूसरे को आपटे के पत्ते देकर सोना बांटने की पारंपरिक प्रथा निभाई। इस अवसर पर लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से मिलने पहुंचे। एक-दूसरे को शुभकामनाएं देने, गले मिलने और बड़ों का आशीर्वाद लेने का सिलसिला चलता रहा।
दशहरे के अवसर पर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। पूजा सामग्री और आपटे के पत्ते खरीदने के लिए नागरिकों की आवाजाही बढ़ गई थी। कई परिवारों ने घरों में पूजा-अर्चना कर पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाया।
परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश
विजयादशमी का त्योहार केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को बुरी आदतों और गलत प्रवृत्तियों को छोड़कर सत्य, अच्छे विचारों और सदाचार के रास्ते पर चलने का संदेश भी देता है। शहर में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया।
रावण दहन, शोभायात्राएं, पथ संचलन, शस्त्र पूजन और आपटे के पत्ते बांटने जैसी परंपराओं के साथ पिंपरी-चिंचवड़ में दशहरा उत्साहपूर्वक मनाया गया। नागरिकों ने एकजुट होकर इस त्योहार को मनाया। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाले इस पर्व से पूरे शहर में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।


