भारी छूट के विज्ञापनों से रहें सावधान; खराब सामान, रिफंड में देरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत
पिंपरी–चिंचवड़, 22 अक्टूबर : दशहरा और दिवाली के त्योहारों को देखते हुए ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मेगा सेल, विशेष छूट और कम समय के लिए आकर्षक ऑफर दिए जा रहे हैं। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े और घरेलू उपयोग की चीजों पर बड़ी छूट मिलने के कारण ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। लेकिन सस्ती कीमत के लालच में जल्दबाजी में खरीदारी करना ग्राहकों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई बार खराब सामान मिलना, विज्ञापन में दिखाई गई चीज से अलग सामान आना और पैसे वापस पाने में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहकों को सावधान रहने की जरूरत है।
भारी छूट के विज्ञापनों से रहें सावधान
त्योहारों के दौरान ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई ऑनलाइन कंपनियां 50 से 80 प्रतिशत तक छूट देने का दावा करती हैं। कुछ ऑफर वास्तव में फायदेमंद होते हैं, लेकिन हर ऑफर ग्राहकों के लिए अच्छा हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार आकर्षक विज्ञापन देखकर ग्राहक बिना जांच किए सामान खरीद लेते हैं। ऐसे में सामान की गुणवत्ता, उसकी असली कीमत और विक्रेता की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। बाजार की कीमत से बहुत कम दाम पर महंगा सामान मिलने का दावा किया जा रहा हो, तो ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सामान मिलने के बाद बढ़ती हैं परेशानियां
ऑनलाइन खरीदे गए सामान की जगह दूसरा सामान मिलना, खराब या नकली उत्पाद की डिलीवरी होना और पार्सल में खरीदी गई चीज का नहीं होना जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं। कई बार विज्ञापन में दिखाई गई तस्वीर और असल में मिले सामान में भी अंतर होता है।
कुछ मामलों में सामान वापस करने के बाद पैसे मिलने में देरी होती है। वहीं, कुछ ग्राहकों को अपनी शिकायत का समाधान पाने के लिए बार-बार कंपनी से संपर्क करना पड़ता है। इसलिए खरीदारी करने से पहले सामान की पूरी जानकारी और विक्रेता की शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
रिफंड नहीं मिलने पर क्या करें?
अगर ऑनलाइन खरीदा गया सामान खराब है, गलत है या विज्ञापन में दी गई जानकारी से अलग है, तो ग्राहक संबंधित विक्रेता या शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत करते समय ऑर्डर नंबर, खरीदारी का बिल, भुगतान का प्रमाण, सामान की तस्वीरें और विक्रेता के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
पार्सल खोलते समय लगातार वीडियो रिकॉर्ड करना भी शिकायत के दौरान उपयोगी सबूत हो सकता है। वीडियो में पार्सल पर लगा AWB नंबर वाला लेबल, पैकिंग और सामान की स्थिति साफ दिखाई देनी चाहिए। हालांकि, वीडियो होने से रिफंड मिलने की गारंटी नहीं होती।
अगर कंपनी में शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिलता है, तो ग्राहक राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के 1915 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
वहीं, अगर ऑनलाइन भुगतान के दौरान आर्थिक धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर संपर्क करें। यह राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
-
केवल बड़ी छूट देखकर सामान न खरीदें। उसकी असली कीमत और गुणवत्ता की जांच करें।
-
विक्रेता की रेटिंग और दूसरे ग्राहकों की प्रतिक्रियाएं पढ़ें।
-
खरीदारी से पहले रिफंड और सामान वापस करने की शर्तें ध्यान से पढ़ें।
-
महंगे सामान के लिए विश्वसनीय विक्रेता या आधिकारिक वेबसाइट का ही चुनाव करें।
-
अनजान लिंक पर क्लिक करने और आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से बाहर भुगतान करने से बचें।
-
बैंक खाते, कार्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
-
सामान मिलने के बाद उसका बिल और खरीदारी से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रखें।
सावधानी से खरीदारी करें, नुकसान से बचें
त्योहारों के दौरान छूट का फायदा उठाना गलत नहीं है, लेकिन आकर्षक विज्ञापनों के लालच में जल्दबाजी में खरीदारी करना नुकसानदायक हो सकता है। सामान की गुणवत्ता, भुगतान की सुरक्षा और अपने उपभोक्ता अधिकारों को ध्यान में रखकर खरीदारी करना जरूरी है।
सस्ती चीज खरीदने के चक्कर में महंगा नुकसान न उठाएं। आकर्षक ऑफर देखकर नहीं, बल्कि पूरी जानकारी और सावधानी के साथ खरीदारी करें।

