Pimpri Chinchwad Municipal Corporation की माध्यमिक स्कूलों में किशोरवयीन छात्राओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान को प्राथमिकता देते हुए ‘पिंक रूम’ की विशेष संकल्पना लागू करने का निर्णय लिया गया है। शुरुआत में महानगरपालिका की पांच माध्यमिक स्कूलों में इन पिंक रूम की स्थापना को मंजूरी दी गई है और आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार अन्य स्कूलों में भी किया जा सकता है।
इस संकल्पना के अंतर्गत स्कूल में लगभग 10×10 आकार का एक अलग कमरा तैयार किया जाएगा। इस कक्ष में एलईडी टीवी, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इस्तेमाल किए गए नैपकिन नष्ट करने के लिए इंसिनरेटर, प्राथमिक उपचार पेटी तथा छात्राओं को आराम मिल सके ऐसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेष रूप से मासिक धर्म के दौरान लड़कियों को सुरक्षित, स्वच्छ और निजी स्थान उपलब्ध कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
एलईडी टीवी के माध्यम से मासिक धर्म, व्यक्तिगत स्वच्छता, किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव, पोषण तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दिखाई जाएगी। इससे छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही कई लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान होने वाली झिझक, डर या मानसिक तनाव कम करने के लिए परामर्शात्मक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
Pimpri-Chinchwad शहर में लगभग 650 स्कूल हैं, जिनमें महानगरपालिका की 105 प्राथमिक और 18 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। छठी से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए ऐसी सुविधाएं आवश्यक होने की बात शिक्षा विभाग द्वारा कही गई है। महानगरपालिका की सभी स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की सुविधा पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब ‘पिंक रूम’ के माध्यम से छात्राओं को नैपकिन बदलने, कुछ समय आराम करने या आवश्यकता पड़ने पर कपड़े बदलने में अधिक सुविधा होगी।
विशेष रूप से मासिक धर्म के दिनों में कई लड़कियां स्कूल से अनुपस्थित रहती हैं या कुछ मामलों में पढ़ाई छोड़ने का निर्णय भी लेती हैं। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। छात्राओं को पढ़ाई के लिए कक्षा छोड़नी न पड़े, उनमें आत्मविश्वास बढ़े और स्कूल में सुरक्षा की भावना मजबूत हो, इस उद्देश्य से महानगरपालिका प्रशासन ने यह संकल्पना शुरू की है।
महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हुए लड़कियों को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ शिक्षा प्राप्त हो सके, इसके लिए ‘पिंक रूम’ पहल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


