उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए पीएमआरडीए में बनेगा ‘फैसिलिटेशन सेंटर’

उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए पीएमआरडीए में बनेगा ‘फैसिलिटेशन सेंटर’

अनुमति प्रक्रिया होगी आसान और तेज;  समस्याओं के समाधान पर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी का जोर

पिंपरी, 14 अक्टूबर – पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष ‘फैसिलिटेशन सेंटर’ शुरू किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। पीएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने यह निर्णय लिया है।

डॉ. चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार (13 अक्टूबर) को आकुर्डी स्थित पीएमआरडीए के मुख्यालय में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और लंबित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त महानगर आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, संबंधित विभागों के अधिकारी और चाकण, हिंजवडी, रांजणगांव, तलेगांव तथा पिरंगुट सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

ऑनलाइन प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतें होंगी दूर

बैठक में विकास अनुमति, अग्निशमन विभाग की एनओसी, बीपीएमएस प्रणाली में आने वाली तकनीकी समस्याओं, शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों और जोनिंग संबंधी जानकारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रस्तावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 100 प्रतिशत ऑनलाइन बीपीएमएस प्रणाली के माध्यम से ही कार्यवाही करने पर जोर दिया गया।

इस प्रणाली का उपयोग करते समय उद्यमियों और वास्तुविशारदों को आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पीएमआरडीए के अधिकारी और बीपीएमएस के प्रतिनिधि मिलकर काम करेंगे। इसके लिए फैसिलिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही, अनुमति के लिए लगने वाले शुल्क, जरूरी दस्तावेजों की सूची और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी औद्योगिक संगठनों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सड़क, यातायात और अग्निशमन सुविधाओं पर भी चर्चा

औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए गए। औद्योगिक परिसर में यातायात जाम, सड़कों की खराब स्थिति और जरूरी सुविधाओं की कमी की ओर प्रतिनिधियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस पर प्राथमिकता के आधार पर सुधार किए जाने वाले रास्तों की सूची औद्योगिक संगठनों से मांगी गई है।

इसके अलावा, भारी वाहनों की पार्किंग और व्यवस्था के लिए ट्रक टर्मिनस बनाने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त जगह तय करने के निर्देश भी दिए गए।

पीएमआरडीए का उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और अनुमति से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। फैसिलिटेशन सेंटर शुरू होने से उद्योगों की समस्याओं का समाधान करने और लंबित प्रस्तावों पर कार्यवाही में तेजी लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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