स्वच्छता की योजना बनाने से लेकर उसे लागू करने तक महिला स्वास्थ्य निरीक्षकों और स्वास्थ्य मुकादमों की महत्वपूर्ण भूमिका
पिंपरी, 14 अक्टूबर 2026 – शहर को स्वच्छ रखने के लिए सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई आवश्यक है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सफाई कर्मचारियों की योजना बनाने, उनके काम पर निगरानी रखने और विभिन्न अभियानों को लागू करने की जिम्मेदारी पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की महिला स्वास्थ्य निरीक्षकों और स्वास्थ्य मुकादमों द्वारा निभाई जा रही है। स्नेहल सोनवणे, संतोषी कदम, स्नेहा चांदणे, स्नेहल सुकटे, कोमल फर्डे, रश्मी तुंडलवार, रूपाली साळवे तथा महिला स्वास्थ्य मुकादम प्रमिला शिंदे, शिवगंगा नागरगोजे और रुक्मिणी बिनवडे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्यों की योजना बनाना, सफाई कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करना और उनके कामकाज पर नजर रखना जैसी जिम्मेदारियां ये महिलाएं निभाती हैं। स्वच्छता से जुड़े अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उन्हें लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। अपने दैनिक कार्यों के माध्यम से वे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में योगदान दे रही हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए प्रयास
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में स्वच्छता का स्तर बेहतर बनाना, कचरे का उचित प्रबंधन करना और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना महत्वपूर्ण है। इन कार्यों में महिला स्वास्थ्य निरीक्षक और स्वास्थ्य मुकादम सफाई कर्मचारियों के सहयोग से विभिन्न स्वच्छता अभियान चलाती हैं। नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है।
‘माझी वसुंधरा’ अभियान में भी योगदान
स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी महत्वपूर्ण है। ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप पर्यावरण के अनुकूल आदतों को बढ़ावा देना, कचरे का उचित प्रबंधन करना और नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। इन प्रयासों में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में महिला स्वास्थ्य निरीक्षक और स्वास्थ्य मुकादम भी अपना योगदान दे रही हैं।
शहर की स्वच्छता के लिए प्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ये महिला निरीक्षक और स्वास्थ्य मुकादम अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण और ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के माध्यम से शहर को अधिक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के प्रयासों में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। शहर की स्वच्छता की जिम्मेदारी संभालने वाली ये महिलाएं सही मायने में ‘स्वच्छता की दुर्गाएं’ साबित हो रही हैं।
“शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की उचित योजना बनाना, उनके काम पर नियमित निगरानी रखना और नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करना आवश्यक है। स्वच्छ सर्वेक्षण के माध्यम से स्वच्छता का स्तर बेहतर बनाने के साथ-साथ ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए भी हम प्रयास कर रहे हैं। यदि नागरिक स्वच्छता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो शहर को अधिक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
– स्नेहल सोनवणे,
स्वास्थ्य निरीक्षक,
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका
“शहर को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए उचित योजना, लगातार निगरानी और नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत स्वच्छता का स्तर बेहतर बनाने के साथ-साथ ‘माझी वसुंधरा’ अभियान के अंतर्गत पर्यावरण के अनुकूल आदतों को बढ़ावा देने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों के सहयोग और नागरिकों की भागीदारी से पिंपरी-चिंचवड़ शहर को अधिक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना ही हमारा लक्ष्य है।”
– कोमल फर्डे,
स्वास्थ्य निरीक्षक,
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका


